प्रेस भवन सभी पत्रकारों के लिए खुला तो विवाद क्यों? प्रकाश वर्मा और डी.एन. योगी पर अध्यक्ष ने उठाए सवाल

नई कार्यकारिणी ने कराई मरम्मत, बैठने से लेकर इंटरनेट तक की सुविधा; किराये की राशि और भवन के इस्तेमाल पर भी मांगा हिसाब
कवर्धा। जिला प्रेस क्लब कवर्धा के प्रेस भवन को लेकर विवाद जारी है। वर्तमान अध्यक्ष यशवंत सिंह ठाकुर ने पूर्व अध्यक्ष प्रकाश वर्मा और डी.एन. योगी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अध्यक्ष का कहना है कि प्रेस भवन जिले के सभी पत्रकारों के लिए है। इसका लाभ हर पत्रकार को मिलना चाहिए, न कि इसे कुछ लोगों तक सीमित रखा जाना चाहिए।
यशवंत सिंह ठाकुर की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, नई कार्यकारिणी ने प्रेस भवन की मरम्मत कराई है। पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था के साथ बिजली, पानी, इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में अध्यक्ष ने सवाल उठाया है कि जब भवन खुलने से जिले के सभी पत्रकारों को फायदा मिल सकता है, तो इसका विरोध क्यों हो रहा है?
क्या जिले में सिर्फ प्रकाश वर्मा और डी.एन. योगी ही पत्रकार हैं?
अध्यक्ष ने सवाल उठाया है कि जिले में बड़ी संख्या में पत्रकार हैं। ऐसे में प्रेस भवन का उपयोग सभी पत्रकारों को करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष प्रकाश वर्मा और डी.एन. योगी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भवन को सभी पत्रकारों के हित में इस्तेमाल किया जाना चाहिए और ऐसे में उनके द्वारा भवन पर एकाधिकार चाहना अन्य पत्रकारों के हितों का हनन है।

किराये की राशि और भवन पर नियंत्रण को लेकर सवाल
अध्यक्ष यशवंत सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पहले प्रेस भवन के उपयोग और किराये से मिलने वाली राशि का हिसाब स्पष्ट नहीं था। पूर्व अध्यक्ष पर किराये की लाखों रुपये की राशि के गबन का आरोप भी लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किराये की राशि मिलना बंद होने के कारण विवाद बढ़ रहा है? क्या भवन और उसकी जमीन पर निजी नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की जा रही थी?
नई कार्यकारिणी ने बढ़ाईं सुविधाएं
वर्तमान कार्यकारिणी का कहना है कि प्रेस भवन की मरम्मत कराकर इसे पत्रकारों के काम के लिए उपयोगी बनाया गया है। यहां बैठकर पत्रकार समाचार तैयार कर सकें, इसके लिए जरूरी सुविधाएं जुटाई गई हैं। कार्यकारिणी ने आगे भी पत्रकारों के हित में काम करने की बात कही है।
प्रेस भवन में हुआ हनुमान संकीर्तन
नई कार्यकारिणी की ओर से प्रेस भवन में हनुमान संकीर्तन का आयोजन भी कराया गया। अध्यक्ष के अनुसार, इसमें जिले के पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यकारिणी का कहना है कि प्रेस भवन को पत्रकारों के सामूहिक उपयोग के साथ सामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी बनाया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री की तस्वीर लगाकर खबरें प्रकाशित करने पर आपत्ति
अध्यक्ष की विज्ञप्ति में डी.एन. योगी की समाचार वेबसाइट पर प्रकाशित खबरों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि स्थानीय घटनाओं और दुर्घटनाओं से जुड़ी खबरों में बार-बार उपमुख्यमंत्री की तस्वीर लगाई जा रही है। अध्यक्ष ने आशंका जताई है कि प्रेस भवन विवाद में भी इस तरह खबरें प्रकाशित कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
ताला तोड़ने और हाईकोर्ट के मामले पर भी विवाद
प्रेस भवन का ताला तोड़ने के आरोप को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद है। अध्यक्ष की विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट में गलत तथ्यों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर मामला पेश किया गया। यह गंभीर आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं हुई है।
इस मामले में न्यायालय के आदेश, याचिका और संबंधित दस्तावेजों को देखकर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। प्रशासन को भी न्यायालय के आदेश के अनुसार ही कार्रवाई करनी होगी।





